Tor Sang Bandha Jaahi Lyrics Mahun Kunwara Tahun Kunwari Mann Elsa, Akash
Presenting the Lyrics of Tor Sang Bandha Jaahi Pirit Ki Dori Re from the movie Mahun Kunwara Tahun Kunwari sung by Sunil Soni & Alka Chandrakar
सुनील सोनी और अलका चंद्राकर द्वारा गाए गए महु कुंवर तहुं कुंवारी फिल्म से Tor Sang Bandha Jaahi Pirit Ki Dori Re का लिरिक्स प्रस्तुत करते है
- Music Director: Sunil Soni
- Lyrics: Manoj Verma
- Singers: Sunil Soni & Alka Chandrakar
- Starcast: Mann kuraishi, Elsa Ghosh, Akash
- Production House: SJS Motion Pictures (LLP)
- Producer: Rocky Daswani, Niraj Vikram & Manoj Verma
- Director: Manoj Verma
- Arrangers/Programmers: Suraj Mahanand
- Recording at Swapnil Digital Studios
- Music on Zee Music Company
Tor Sang Bandha Jaahi Lyrics Mahun Kunwara Tahun Kunwari Mann Elsa, Akash
तोर संग बंधा जाही पिरित के डोरी रे ये मोर मन मोहनी
तोर संग बंधा जाही पिरित के डोरी रे ये मोर मन मोहनी
देखेव जबले तोला जाने का होगे मोला
देखेव जबले तोला जाने का होगे मोला
मोर मन तोर संग रुमझुम झूमे ल लागे रे ये मोर मन मोहनी
तोर संग बंधा जाही पिरित के डोरी रे ये मोर मन मोहना
तोर संग बंधा जाही पिरित के डोरी रे ये मोर मन मोहना
देखे जबले तोला जाने का होगे मोला
देखे जबले तोला जाने का होगे मोला
मोर मन तोर संग रुमझुम झूमे ल लागे रे ये मोर मन मोहना
तोर संग बंधा जाही पिरित के डोरी रे ये मोर मन मोहनी
चारो कोती गोंदा मम्हागे चिरई चिरगुन करमा सुनागे
चारो कोती गोंदा मम्हागे चिरई चिरगुन करमा सुनागे
तोर पांव के पयरी के छुनछुन हिरदय अंतस म समागे
तोर पांव के पयरी के छुनछुन हिरदय अंतस म समागे
जिन्दी देदेव तोला मया होगे मोला
जिन्दी देदेव तोला अबड मया होगे मोला
संग म जुरमिल गुनगुन गीत गाबो रे ये मोर मन मोहनी
तोर संग बंधा जाही पिरित के डोरी रे ये मोर मन मोहना
गुनन गुनन भवरा गुन्गुनाथे मोर मन के गीत ल गाथे
गुनन गुनन भवरा गुन्गुनाथे मोर मन के गीत ल गाथे
झिमिर झिमिर झरना के झिम झिम जीवरा म आगि लागथे
झिमिर झिमिर झरना के झिम झिम जीवरा म आगि लागथे
तरसत हे चोला मया दे दे मोला
तरसत हे चोला मया दे दे मोला
बिन तोर अब मोर जियरा कहूँ न लगे रे ये मोर मन मोहना
तोर संग बंधा जाही पिरित के डोरी रे ये मोर मन मोहनी
तोर संग बंधा जाही पिरित के डोरी रे ये मोर मन मोहना
तोर संग बंधा जाही पिरित के डोरी रे ये मोर मन मोहनी

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